मेरी जिंदगी (कविता)
जितना ही मैं अपनी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करती हूँ, उतना ही अत्यधिक उलझनों में मुझे उलझाती जा रही मेरी जिंदगी; चाहती तो हूँ मैं भी खूब हँसना-मुस्कुराना दिल से हर-दिन, हर-पल, मगर अब…
जितना ही मैं अपनी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करती हूँ, उतना ही अत्यधिक उलझनों में मुझे उलझाती जा रही मेरी जिंदगी; चाहती तो हूँ मैं भी खूब हँसना-मुस्कुराना दिल से हर-दिन, हर-पल, मगर अब…
रिश्ता तोड़ना है तो कुछ बहाने करो गलतियां जान कर पर बन कर अनजाने करो बेमतलब की, बेवजहों की कुछ अफ़साने करो रोज कहो मिलेंगे-मिलेंगे पर थोड़ा कम आने-जाने करो मत…
जिंदगी तुम कई बार मुसकराहटों के मायने बदल देती हो पढ़ती हो जब भी वक़्त की किताब सोच में पड़ जाती हो हर पृष्ठ इसका विस्मय की स्याही से भरा होता है जिसके मायने तुम्हें…
एक बार फिर याद आए वो दोस्त जिन्होंने बचपन में की थी मिलकर अनगिनत शरारतें और किए थे साथ चलने के अनेकों वादे सब छूट गए कहीं पीछे, दूर बहुत दूर वो स्कूल की आख़िरी…