SUBSCRIBE
FOLLOW US
  • YouTube
Loading

कविता

तो माला प्यार की तोड़ देना, वक्त की मांग है

जब प्रयास विनम्रता के सारे असफल हो जाएं द्वार देवताओं के प्रार्थनाएं सारी अनसुनी हो जाएं तो बंधन मनुहार के तोड़ देना, वक़्त की मांग है निभाते रहे हम ही रीत सदा प्रीत की हारकर…


तुम्हारे बिना मैं दीप जलाऊं ये मुझे मंजूर नहीं

कटती है तो कट जाए जिंदगी अंधेरे में किसी से मांग कर चिराग़ जलाऊं ये मुझे मंजूर नहीं अँधेरों में उजाले हैं, या उजालों में अंधेरा है किसी का आशियां जलाऊं ये मुझे मंजूर नहीं…


मेरी जिंदगी (कविता)

जितना ही मैं अपनी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करती हूँ, उतना ही अत्यधिक उलझनों में मुझे उलझाती जा रही मेरी जिंदगी; चाहती तो हूँ मैं भी खूब हँसना-मुस्कुराना दिल से हर-दिन, हर-पल, मगर अब…


गलतियां जान कर, पर बन कर अनजाने करो

रिश्ता तोड़ना है तो कुछ बहाने करो   गलतियां जान कर पर बन कर अनजाने करो   बेमतलब की, बेवजहों की कुछ अफ़साने करो   रोज कहो मिलेंगे-मिलेंगे पर थोड़ा कम आने-जाने करो   मत…