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कविता

सुनो न मां…

सुनो न माँ, सुनती क्यों नहीं, बस आज की बात है माँ, कल से पक्का जाऊंगी। कैसे-कैसे बहाने बना स्कूल से बचूं मैं, कैसे कहूं माँ, स्कूल से बचना मेरी शैतानी नहीं, मज़बूरी है मेरी।…

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संघर्ष क्या करेंगे?

इस पर, उस पर, सभी पर, उंगलियां उठाएंगे हर किसी पर गप्प करते गपोड़ी कामचोर, आशियाने वातानुकूलक पर गप्प ही करेंगे! संघर्ष क्या करेंगे?   काम इन्हें कुछ करना नहीं पर श्रेय पूरा कामचोरों को…


मत आना सखी तुम मत आना

मत आना सखी तुम मत आना ये दुनिया नहीं है तेरे काम की, यहाँ भारी कमी है नारी के सम्मान की, ये तय है, पैदा होने से पहले साजिश होगी तुम्हारी हत्या की, और जो…


सुकूं की तलाश में हूं

सुकूं की तलाश में हूं शायद मिल जाए कहीं मेरे आंसुओ में या तेरी पलकों के साए में तुझे याद करने में या खुदके लिए लड़ने में   सुकूं की तलाश में हूं शायद मिल…