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कविता

पथ का हर एक कंकर हटा कर जायेंगे 

समय के पृष्ठ पर हम शिलालेख बने या ना बने मानस पटल पर ज़रूर निशाँ छोड़  कर  जायेंगे   ख़्वाब देखें ज़रूर मगर, बदले में हक़ीक़त नहीं सदा ही ज़िल्लत मिलीं महलों की बात तो…


चढ़ा दो तुम मुझ पर केवल और केवल…अपने प्यार का रंग

चलो खेलें हम भी, इश्क़ की होली लाल रंग हमारे इश्क़ का हो नीला रंग तुम्हारे प्यार का पीला हो मेरी बेचैनी का रंग जब तुम न हो कभी मेरे संग भीगा दो प्रेम की नदी में डूब जाऊँ, तुम्हारे संग बन जाओ रांझणा मेरे रिस जाऊँ तुम्हारे मन चढ़ा दो तुम मुझ पर केवल और केवल अपने प्यार का रंग इंतज़ार था, बेताबी थी कब मनाओगे प्यार का जश्न


हादसों के शहर में 

हादसों के शहर में, सबकी खबर रखिए । कोई रखे न रखे, आप जरूर रखिए। इस दौर में वफा की बातें, यक़ीनन सिरफिरा है कोई, उस पर नजर रखिए। चेहरों को पढ़ने का हुनर, खूब दुनिया को आता है।…


तस्वीरः गूगल साभार

शिक्षा

शिक्षा अब एक ऐसा ज्वालामुखी है, जिसके क्रेटर खुल गए हैं, जो बेरोजगारी का लावा उगल रहा है। विश्वविद्यालय अब एक ऐसा उफनता नद है, जिसके बांध टूट गए हैं, और जिसका पानी, बेतरतीब होकर…