कुछ कहा भी होता चुप होने से पहले
कुछ याद किए होते सब भूलने से पहले कुछ कहा भी होता, चुप होने से पहले शायद मुझमें ही कुछ कमी थी जो याद ना आए तुम्हें कुछ तो वफ़ा किया होता, बे मुरव्वत…
कुछ याद किए होते सब भूलने से पहले कुछ कहा भी होता, चुप होने से पहले शायद मुझमें ही कुछ कमी थी जो याद ना आए तुम्हें कुछ तो वफ़ा किया होता, बे मुरव्वत…
जब प्रयास विनम्रता के सारे असफल हो जाएं द्वार देवताओं के प्रार्थनाएं सारी अनसुनी हो जाएं तो बंधन मनुहार के तोड़ देना, वक़्त की मांग है निभाते रहे हम ही रीत सदा प्रीत की हारकर…
जितना ही मैं अपनी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करती हूँ, उतना ही अत्यधिक उलझनों में मुझे उलझाती जा रही मेरी जिंदगी; चाहती तो हूँ मैं भी खूब हँसना-मुस्कुराना दिल से हर-दिन, हर-पल, मगर अब…
रिश्ता तोड़ना है तो कुछ बहाने करो गलतियां जान कर पर बन कर अनजाने करो बेमतलब की, बेवजहों की कुछ अफ़साने करो रोज कहो मिलेंगे-मिलेंगे पर थोड़ा कम आने-जाने करो मत…