कुछ कहा भी होता चुप होने से पहले
कुछ याद किए होते सब भूलने से पहले कुछ कहा भी होता, चुप होने से पहले शायद मुझमें ही कुछ कमी थी जो याद ना आए तुम्हें कुछ तो वफ़ा किया होता, बे मुरव्वत…
कुछ याद किए होते सब भूलने से पहले कुछ कहा भी होता, चुप होने से पहले शायद मुझमें ही कुछ कमी थी जो याद ना आए तुम्हें कुछ तो वफ़ा किया होता, बे मुरव्वत…
जितना ही मैं अपनी समस्याओं को सुलझाने की कोशिश करती हूँ, उतना ही अत्यधिक उलझनों में मुझे उलझाती जा रही मेरी जिंदगी; चाहती तो हूँ मैं भी खूब हँसना-मुस्कुराना दिल से हर-दिन, हर-पल, मगर अब…
जिंदगी तुम कई बार मुसकराहटों के मायने बदल देती हो पढ़ती हो जब भी वक़्त की किताब सोच में पड़ जाती हो हर पृष्ठ इसका विस्मय की स्याही से भरा होता है जिसके मायने तुम्हें…
एक बार फिर याद आए वो दोस्त जिन्होंने बचपन में की थी मिलकर अनगिनत शरारतें और किए थे साथ चलने के अनेकों वादे सब छूट गए कहीं पीछे, दूर बहुत दूर वो स्कूल की आख़िरी…