खुलकर हँसना मुश्किल है
खुलकर हँसना मुश्किल है दिल भी किसी का दुखता है हम तो हँसते रहते हैं पर ग़म किसी का जी उठता है कहते-कहते कभी जब हम अचानक से चुप जाते हैं चलते-चलते राहों में…
खुलकर हँसना मुश्किल है दिल भी किसी का दुखता है हम तो हँसते रहते हैं पर ग़म किसी का जी उठता है कहते-कहते कभी जब हम अचानक से चुप जाते हैं चलते-चलते राहों में…
समय के पृष्ठ पर हम शिलालेख बने या ना बने मानस पटल पर ज़रूर निशाँ छोड़ कर जायेंगे ख़्वाब देखें ज़रूर मगर, बदले में हक़ीक़त नहीं सदा ही ज़िल्लत मिलीं महलों की बात तो…
शिक्षा अब एक ऐसा ज्वालामुखी है, जिसके क्रेटर खुल गए हैं, जो बेरोजगारी का लावा उगल रहा है। विश्वविद्यालय अब एक ऐसा उफनता नद है, जिसके बांध टूट गए हैं, और जिसका पानी, बेतरतीब होकर…
मृत्यु… क्या यही अंतिम पड़ाव है पीड़ा का क्या यही होती है वो अंतिम…चरणीय पीड़ा जहाँ जीवन का अस्तित्व शून्य में हो जाता है विलीन जिसके बारे में कहा सुना गया है कई ग्रन्थों,…