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कविताः हमारा तिरंगा

-प्रिया सिन्हा

तिरंगे के तीन रंग 

केसरिया रंग सदा ही बल भरने वाला

आगे बढ़ते रहने को प्रेरित करने वाला

मेहनत का फल देने वाला

करने पर अथक प्रयास

सफलताएं मिलती इतनी ऊँची

जितना ऊँचा ये आकाश

 

सफेद रंग सदैव सच्चाई एवं

शांति के मार्ग पर चलने वाली

सच का सामना करती हमेशा

कभी न झूठ से डरने वाली

कभी तुम घबरा के रुक न जाना

अपना रास्ता तुम स्वयं ही बनाना

होकर तुम निडर एवं अविचल

जैसे पहाड़ों को चीर कर

निरंतर बहती रहती हैं ये जल

 

हरा रंग है हरियाली देने वाला

सभी लोगों को खुशहाली देने वाला

विशाल बनो, खुशहाल बनो

हिम्मत करो, धीरज धरो

करने को अपनी एवं अपने

प्रियजनों के इच्छाओं की पूर्ति

जैसे लाख मुसीबतों को सहकर भी

करती हैं अपनी ये माँ धरती

(कवयित्री बिहार की रहने वाली हैं, आपको कविताएं लिखने व पेंटिंग बनाने का बहुत शौक है)

Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

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