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डीयू के प्रोफ़ेसर्स मात्र कुछ सेकेण्ड में ही कर लेते हैं छात्रों की काबिलियत का पता

हो सकता है आपको बहुत अजीब लगे और यकीन भी न ही हो लेकिन “डीयू के प्रोफ़ेसर्स मात्र कुछ सेकेण्ड में ही कर लेते हैं छात्रों की काबिलियत का पता”  ऐसा हम नहीं उनके कारनामें कहते हैं। हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के हिंदी विभाग द्वारा कराए गए ‘एमफिल/पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया – 2018  के इंटरव्यू में छात्रों की काबिलियत का अंदाज़ा मात्र कुछ सेकंड्स में ही लगा लिया गया। इसको लेकर छात्रों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। कुछ छात्र खुलकर सामने आ रहे हैं और उन्होंने कुलपति से इस मामले की जांच कराकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। छात्रों का कहना है कि उनके प्रवेश परीक्षा में अंक के साथ-साथ परास्नातक में भी अच्छे अंक आए हैं, साथ ही नेट जेआरएफ उत्तीर्ण हैं ऐसे में उनका चयन न हो पाना विभाग की ओर से बहुत बड़ी धांधली है।

अगर आपको केवल पीएचडी कोर्स में हुए इंटरव्यू के बारे में बताएं तो आपको यह जानकर हैरानी होगी कि कुल 908 बच्चों का इंटरव्यू मात्र 8 दिन में ही पूरा कर लिया गया इससे साफ जाहिर होता है कि यदि प्रोफ़ेसर्स हर दिन लगातार 7 घण्टे कुर्सी पर बैठे रहें तब जाकर एक बच्चे को करीब साढ़े तीन मिनट मिलता है, लेकिन क्या यह संभव है?

दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वर्तमान विभागाध्यक्ष प्रो. मोहन लगातार विवादों से घिरे रहे हैं। आए दिन उन पर छात्रों के उत्पीड़न के आरोप लगते रहे हैं। विभागाध्यक्ष के कार्यों में गड़बड़ी होने के कारण पिछले दिनों एमफिल/पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया 2018 में योग्य छात्रों को इन्टरव्यू के लिए न बुलाए जाने का आरोप लगा था, जिसके चलते विश्वविद्यालय को इंटरव्यू की नई लिस्ट जारी करनी पड़ी थी। इस एडमिशन प्रक्रिया में गड़बड़ी का सिलसला अभी थमा नहीं है। इंटरव्यू रिजल्ट आने के उपरांत विश्वविद्यालय टॉप करने वाले और कुछ अन्य आवेदकों ने कुलपति को शिकायती पत्र लिखा, जिसमें प्रोफेसर्स के ऊपर मनमानी ढंग अपने पद और पहुंच का दुरुपयोग करते हुए इंटरव्यू में अयोग्य छात्रों को चयनित करने का आरोप लगाया है। साथ ही साथ यह भी बताया कि योग्य (यूनिवर्सिटी टॉपर/इंट्रेंस टॉपर/नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण) छात्र/छात्राओं को बाहर का रास्ता भी दिखा दिया गया।

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Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

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