नरेंद्र मोदी को हराना चाहते हैं चंद्रशेखर या जिताना?
यदि चंद्रशेखर सपा-बसपा गठबंधन के साथ न मिलकर उनके विरूद्ध चुनावी मैदान में उतरते हैं तो ऐसा न हो कि नायक बनते-बनते वह दलित समाज के खलनायक न बन जाएँ… वरिष्ठ लेखक जयप्रकाश कर्दम का विश्लेषण…
यदि चंद्रशेखर सपा-बसपा गठबंधन के साथ न मिलकर उनके विरूद्ध चुनावी मैदान में उतरते हैं तो ऐसा न हो कि नायक बनते-बनते वह दलित समाज के खलनायक न बन जाएँ… वरिष्ठ लेखक जयप्रकाश कर्दम का विश्लेषण…
नारी, साहित्य और मीडिया की जब हम बात करते हैं तो हमें ऐसा लगता है जैसे इन तीनों का आपस में कोई गहरा संबंध है। नारी को समाज की पूरक है और साहित्य जो समाज…
आज देश में नारी के ऊपर इतने अत्याचार हो रहे हैं, शायद किसी और सदी में नारी की यह स्थिति नहीं थी। आये दिन हमें बलात्कार, शोषण, छेड़-छाड़, उत्पीड़न, दुष्कर्म, हत्या आदि ख़बरें नारी के…
पीने के पानी की गुणवत्ता में कमी या उसे नजर अंदाज़ करना आपकी जेब पर काफी भारी पड़ सकता है। किसी गंभीर बीमारी की वजह से साल में जितना खर्च होता है उसका करीब पांच…