हां मैं पत्थर हूं
हाँ मैं पत्थर हूं, जिसे पैरों से मारा गया, नेताजी की गाड़ी पर फेंका गया लोकतंत्र पर हमला हूं, मैं ही सेना पर फेंका गया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हूं, हाँ मैं पत्थर हूं। मंदिर में…
हाँ मैं पत्थर हूं, जिसे पैरों से मारा गया, नेताजी की गाड़ी पर फेंका गया लोकतंत्र पर हमला हूं, मैं ही सेना पर फेंका गया अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता हूं, हाँ मैं पत्थर हूं। मंदिर में…
आप जो ख़्वाबों में आए न होते बेवज़ह हम मुस्कुराए न होते न फूल खिलते न कलियां मुस्कुरातीं भंवरे यूं गुनगुनाए न होते। आप जो ख़्वाबों में आए न होते मौसम भी कुछ, ख़ास…
खुलकर हँसना मुश्किल है दिल भी किसी का दुखता है हम तो हँसते रहते हैं पर ग़म किसी का जी उठता है कहते-कहते कभी जब हम अचानक से चुप जाते हैं चलते-चलते राहों में…
प्रेम खुद को खुद से पहचानने का एक नजरिया है प्रेम आपके अंदर का विश्वास जगाने का जरिया है सन्तान जो अपने माँ – बाप से प्रेम करता है, ऊपर वाला उसका जीवन खुशियों से…