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आज की नारी (कविता)
-प्रिया सिन्हा आज की नारी कहती – मुझे किसी के भी स्नेह भरी छाँव की जरूरत नहीं, अब अकेले ही इस कड़ी धूप में पिघलने दो मुझे सब करीबी लोगों का सानिध्य बहुत पा लिया,…
महिलाएं कर रहीं कानून का दुरुपयोग, पुरुष आयोग बनाने की मांग
-सुकृति गुप्ता कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में नेशनल कमीशन फॉर मेन के लिए प्रथम सम्मेलन का आयोजन जिस प्रकार भारत नें महिलाओं के लिए महिला राष्ट्रीय आयोग बनाया गया है, उसी प्रकार पुरुषों के लिए…
सत्ता स्वार्थी हो चली है (कविता)
-पूजा कुमारी सत्ता की रस्म हो चली है हर त्योहार पर उपहार त्योहार कैसा? उपहार कैसा? इज्जत लूटने का त्योहार हो तो लाख टके का उपहार जीवन जाने का त्योहर हो तो लाख टके…



