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जानिए आखिर डीयू में अधिकारी और कर्मचारी क्यों छोड़ रहे अपनी नौकरी

तस्वीर गूगल साभार

डीयू के विभिन्न विभागों में लंबे समय से 1768 पदों को नहीं भरा जा रहा है।

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के विभिन्न कॉलेजों में पिछले दस सालों से शैक्षिक पदों में 4500 पद खाली पड़े हैं वहीं, दूसरी ओर गैर शैक्षणिक पदों में हजारों पदों पर नियुक्तियां न होने से पदों में इजाफा हो रहा है। इन पदों में सहायक कुलसचिव (असिस्टेंट रजिस्ट्रार), उप कुलसचिव(डिप्टी रजिस्ट्रार) और संयुक्त कुलसचिव (ज्वाइंट रजिस्ट्रार) पदों पर काफी अरसे से पदोन्नति न होने से अधिकारी विश्वविद्यालय छोड़ने को विवश हैं। कुछ बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं और जिनकी पदोन्नति नहीं हो रही है वे पदोन्नति को लेकर तनाव में जीवन जी रहे हैं। पदोन्नति की इस आस में लोग छुट्टी लेकर दूसरी जगह ज्वाइन भी कर रहे हैं।

डीयू विद्वत परिषद सदस्य प्रो. हंसराज ‘सुमन’ ने बताया है कि डीयू के विभागों में 14 सहायक कुलसचिव (असिस्टेंट रजिस्ट्रार) के आंतरिक कोटे के अंतर्गत (इन्टर्नल कोटा) पद खाली पड़े हुए हैं। इन पदों पर 2014 के बाद से कोई परीक्षा नहीं हुई है जबकि विश्वविद्यालय में इन्टर्नल एलिजिबल केंडिडेट हैं जो पूर्ण योग्यता रखते हैं, लेकिन पिछले चार साल से इन पदों को भरने में विश्वविद्यालय कोई गम्भीरता नहीं दिखा रही है।

प्रो. सुमन ने आगे बताया है कि इसी तरह से डिप्टी रजिस्ट्रार और ज्वाइंट रजिस्ट्रार के 9 पद भी काफी समय से खाली हैं। इसमें 1 असिस्टेंट रजिस्ट्रार डेपुटेशन पर और 1 लीयेन पर दूसरी जगह चले गए बाकि 1 रिजाइन (छोड़कर) कर गए और 1 सेवानिवृत्त हो गए। कुछ पदोन्नति ना होने के कारण अन्य विश्वविद्यालयों में जा रहे हैं, जहां उन्हें बड़ी पोस्ट मिल रही हैं। साथ ही वहां बड़े पदों पर काम करने का अवसर मिल रहा है।

इन-इन लोगों ने दिया त्यागपत्र

डॉ ज्वाला प्रसाद (डेपुटेशन पर जेएनयू, असिस्टेंट रजिस्ट्रार), सुनील कुमार (ऑन लीव ,असिस्टेंट रजिस्ट्रार), टी वेंगादेशन (डिप्टी रजिस्ट्रार और ज्वाइंट रजिस्ट्रार), ए प्रकाश, राम दत्त, एचएच बा, (सेवानिवृत-31मई 2018), विकास गुप्ता, जीके सिंह, कमल पाठक जैसे लोग त्यागपत्र देकर चले गए। इसी तरह से 14 असिस्टेंट रजिस्ट्रार और 9 डिप्टी रजिस्ट्रार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार और ज्वाइंट रजिस्ट्रार विश्वविद्यालय छोड़कर चले गए।

अलग-अलग वर्गों में खाली पदों का आंकड़ा

डीयू की ओर से वर्ष- 2016-17 में यूजीसी को भेजे गए शैक्षिक व गैर शैक्षिक पदों के आंकड़ों के अनुसार

ग्रुप-ए के लिए स्वीकृत पद-205 में से 99 पद भरे गए, जबकि रिक्त पद-106 हैं  (सामान्य वर्ग-72, ओबीसी-07, एससी-16, एसटी-04, कुल-99)

ग्रुप-बी के लिए स्वीकृत पद 590 हैं, जिनमें से 362 पद भरे गए। रिक्त पदों की संख्या 228 है (सामान्य वर्ग-289 ,ओबीसी-03, एससी-51, एसटी-19, कुल-362)

ग्रुप सी और डी के लिए 2485 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 1051 पद भरे गए। रिक्त पदों की संख्या 1434 है (सामान्य वर्ग-677, ओबीसी-128, एससी-227, एसटी-19, कुल-1051)

1768 खाली पदों पर नियुक्तियां नहीं

दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में 3280 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 1512 पद ही भरे गए हैं। इसमें 1768 खाली पदों पर नियुक्तियां नहीं हुई है, जिसमें सामान्य वर्गो की 1038, ओबीसी की 138, एससी की 294, एसटी की 42 पदों पर पिछले 10 वर्षों से नियुक्ति नहीं हुई है।

दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में शिक्षक पिछले सात-आठ सालों से करुणा मूलक आधार पर कार्य कर रहे हैं, उनके विषय में आज तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने सुध नहीं ली। इनमें कुछ लोग तो ऐसे है जो अपनी आयु सीमा पार कर चुके हैं, यदि डीयू उन्हें अपने यहां स्थायी नियुक्ति नहीं करता है, तो ऐसे में वे कहां जाएंगे। इसी तरह से विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में हजारों खाली गैर शैक्षिक पदों पर अभी तक निय़ुक्ति नहीं हुई है।

बैठक में खाली पदों को भरने की होगी मांग

प्रो. सुमन ने कहा कि वह विद्वत परिषद की अगली बैठक में डीयू के गैर शैक्षणिक पदों को जल्द से जल्द भरने की मांग करेंगे। इसके साथ ही डीयू में असिस्टेंट रजिस्ट्रार, जॉइंट रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार के अलावा अन्य पदों पर तुरंत नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू हो, इसके लिए भी कोशिश शुरू की जाएगी।

Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

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