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इस सीजन में इस फल को देखिए ही नहीं, इसे खाइये भी

तस्वीरः गूगल साभार (सभी)

सर्दी के इस मौसम में ठेले पर सिंघाड़ा देखकर आप पहचान तो जाते होंगे। लेकिन, इस फल के बारे में अगर आप न जानते होंगे तो खाने का मन तो नहीं करता होगा। लेकिन, हम आपको इसके फायदे बताते हैं ताकि आपको खाएं जरूर। क्योंकि यह खाने में तो आपको बहुत अच्छा लगता ही है, साथ ही आपको जानकर हैरानी होगी कि यह शरीर के लिए बहुत अच्छा है साथ ही यह कई बीमारियों को भी दूर भी भगाता है।

आइये पहले जानते हैं इसके बारे में-

इसका वानस्पतिक नाम ट्रापा नैटन्स है, इसे वाटर चेस्टनट कहा जाता है। सामान्य रूप से इसे सिंघाड़ा भी कहा जाता है। सिंघाड़ा तालाबों में एक प्रकार का मुक्त होकर तैरता हुआ पौधा है। इसका दाना (कर्नेल्स) बहुत ही स्वादिष्ट होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और तात्विक खनिज प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसलिए इसका प्रयोग आयुर्वेद में डाइयूरेटिक, एफ्रोडाइसियाक, पोषक तत्व, एपेटाइजर, एसट्रिनजेंट, कूलेंट, एंटीडाइरियल और टॉनिक के रूप में किया जाता है। लंबेगो (कटिशूल), गले में खराश, पैत्तिक (बाइलियस) अफेक्शंस, ब्रांकाइटिस, फटीग, इंफ्लामेशन (सूजन) में यह बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सिंघाड़ा फल में 16 फीसद मंड (स्टार्च) और 2 फीसद प्रोटीन पाया जाता है। इसका तना जूस के रूप में प्रयोग करने से आंखों की समस्या से निजात दिलाता है। सूजन से निजात दिलाने के अलावा इसे डाइबिटीज और बैक्टीरियल बीमारियों से भी छुटकारा दिलाने का काम करता है।

यहां तक कि इसकी अन्य प्रजातियों में एंटीअल्सर्स जैसी एक्टीविटी भी मौजूद होती है,आइये जानते हैं कहां-कहां और किस रूप में य़ह लाभकारी है-

अगर आपको अस्थमा है तो आपके लिए सिंघाड़ा बहुत फायदेमंद है। सिंघाड़े को नियमित रूप से खाने से सांस संबधी समस्याओं से भी आराम मिलता है।

सिंघाड़ा बवासीर जैसी कठिन समस्याओं से भी निजात दिलाने में कारगर साबित होता है।

 

इसका फल खाने से फटी एड़ि‍यां भी ठीक हो जाती हैं। यदि शरीर में किसी भी स्थान पर दर्द या सूजन है तो इसका लेप बनाकर लगाने से बहुत फायदा होता है।

सिंघाड़ा में कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसे खाने से हड्ड‍ियां और दांत दोनों ही मजबूत रहते हैं। साथ ही यह आंखों के लिए भी फायदेमंद है।

महिलाओं में गर्भ के दौरान सिंघाड़ा खाने से मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहते हैं। इससे गर्भपात का खतरा भी कम होता है। इसके अलावा सिंघाड़ा खाने से पीरियड्स की समस्याएं भी ठीक होती हैं।

रक्त संबंधी समस्याओं के लिए भी यह कारगर है। मूत्र संबंधी रोगों के उपचार के लिए सिंघाड़े का प्रयोग बहुत फायदेमंद है। दस्त होने पर भी सिंघाड़े का सेवन रामबाण की तरह है।

सिंघाड़ा शरीर को ऊर्जा देता है, इसमें कार्बोहाइड्रेट होता है, इसलिए इसे व्रत के खाने में शामिल किया जाता है। इसमें आयोडीन भी पाया जाता है, जो गले संबंधी रोगों से रक्षा करता है और थाइरॉइड ग्रंथि को अच्छे से काम करने के लिए प्रेरित करता है।

 

इस तरह आपने देखा कि सिंघाड़ा हमारे लिए बहुत उपयोगी है।

-प्रभात

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Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

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