हिंदी दिवस – ईस्ट से इयान के देश तक फैली हिंदी
आज है हिंदी दिवस। यानी हिंदी की दशा-दिशा, दुर्दशा पर बात करने का दिन। हिंदी खो गई है, हिंदी मर रही है। हिंदी नहीं बची है। लुप्तप्राय है। हाय-हाय हिंदी, हाय हिंदी कर के विधवा…
आज है हिंदी दिवस। यानी हिंदी की दशा-दिशा, दुर्दशा पर बात करने का दिन। हिंदी खो गई है, हिंदी मर रही है। हिंदी नहीं बची है। लुप्तप्राय है। हाय-हाय हिंदी, हाय हिंदी कर के विधवा…
सोशल मीडिया पर एक भावुक कर देने वाला संदेश काफी शेयर किया जा रहा है। इसे लिखा है जाने-माने फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा ने, जिस पर उनके फैंस दिल खोलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।…
सबसे ख़तरनाक होता है मुर्दा शांति से भर जाना, तड़प का न होना सब कुछ सहन कर जाना घर से निकलना काम पर और काम से लौटकर घर आना सबसे ख़तरनाक होता है हमारे सपनों…
सपनों को कभी मरने नहीं देना चाहिए इसलिए पाश ने लिखा कि सबसे खतरनाक होता है सपनों का मर जाना। लेकिन, पाश के सपने भी अधूरे ही रह गये। दरअसल 23 मार्च को खालिस्तानी उग्रवादियों…