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चौपाल

इक सच्ची मुस्कान चाहिये

संबंधों की मरुथली को नेह भरी बरसात चाहिये दुख शूल बनकर चुभे कभी न अपनापन सौगात चाहिये ।   पीर परायी आँसू मेरे कुछ ऐसे अहसास चाहिये । महके सौरभ रेत कणों में हरी भरी…

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हिंदी दिवस – ईस्ट से इयान के देश तक फैली हिंदी

आज है हिंदी दिवस। यानी हिंदी की दशा-दिशा, दुर्दशा पर बात करने का दिन। हिंदी खो गई है, हिंदी मर रही है। हिंदी नहीं बची है। लुप्तप्राय है। हाय-हाय हिंदी, हाय हिंदी कर के विधवा…


सारागढ़ी दिवस – जिंदगी जीना सिखाती है 21 सिखों की जांबाज कहा

सोशल मीडिया पर एक भावुक कर देने वाला संदेश काफी शेयर किया जा रहा है। इसे लिखा है जाने-माने फिल्म अभिनेता रणदीप हुड्डा ने, जिस पर उनके फैंस दिल खोलकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।…


पाश : जिसने हर युवा के सपनों को मरने से बचाया

सबसे ख़तरनाक होता है मुर्दा शांति से भर जाना, तड़प का न होना सब कुछ सहन कर जाना घर से निकलना काम पर और काम से लौटकर घर आना सबसे ख़तरनाक होता है हमारे सपनों…