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संस्कार

जीवन में जूझते हुए ईश्वर के पद तक पहुंचते हैं वाल्मीकि के राम

तमसा नदी के तट पर पीपल के वृक्ष के नीचे एक ऋषि विचारमग्न थे। सुबह की वेला में नदी की लहरें शांत थीं। मंद हवा बह रही थी, जिनमें पत्तियां-डालियां हिल-मिल रही थीं। पंछी घोसलों…

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‘राम की शक्ति पूजा’ कविता में है जीवन का आधार

शक्ति की अधिष्ठात्री देवी का पर्व जारी है और इस कड़ी में सोमवार को नवां दिन था। सनातन परंपरा का यह पर्व कई पीढ़ियों, सदियों और शायद युगों से चला आ रहा है। दरअसल शक्ति…


मोटर व्हीकल एक्टः नियम से चलेंगे तो नहीं आएंगे चालान की जद में

दिन में जो जानने से बच जाए रात बीतते-बीतते सोशल मीडिया उसे आपका तक पहुंचा ही देता है। इधर एक सितंबर से मोटर व्हीकल एक्ट के संशोधन लागू हुए और उधर सोशल मीडिया वाली गली…


गला काट राजनीति पर चिंतन

एक आईएसआईएस हमारे देश में भी बन रहा है यदि सरकार ने इधर ध्यान नहीं दिया तो समाज में इसके बुरे परिणाम जल्द ही दिखने लगेंगे। मैं आपका ध्यान इस बात की ओर ले जाना…