Articles by
क्या धर्म पहचान है (कविता)
ना मैं हिंदू ना मैं मुस्लिम मैं हूं एक इंसान। ला मैं तेरी गीता पढ़ लूं तूं पढ़ ले मेरी कुरान। एक ही अरमान मन में मेरे एक ही थाली में खाए हर इंसान…
गांव मेरा मुझे याद आता रहा (छात्र की डायरी)
उन दिनों सुबह कितनी जल्दी हो जाया करती थीं। शाम भी कुछ जल्दी घिर आया करती थीं तब फूलों की महक भीनी हुआ करती थीं और तितलियां रंगीन। इन्द्रधनुष के रंग थोड़े चमकीले, थोड़े गीले…
नेताओं के कोर्ट में हनुमान का मुकदमा
कई दिनों से हनुमान बड़े ही चिंताग्रस्त दिखाई दे रहे थे। भोजन को लेकर उत्साहित रहने वाले हनुमान अनमने ढंग से थोड़ा बहुत खाते और मां अन्नपूर्णा का शुक्रिया अदा कर उठ जाते। भगवान राम…
किसानों की कर्ज माफी कृषि समस्या को सुलझाने में कितना सही? क्या है स्थायी समाधान
जब-जब देश में किसानों की क़र्ज़ माफ़ी का ज़िक्र होता है तब-तब हमें समझ जाना चाहिए कि यह चुनावी सीजन है। इसके पहले तो राजनेताओ को किसानों की सुध आती ही नहीं है। अभी देश…



