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वो पाश जिन्होंने कहा “हम लड़ेंगे साथी, उदास मौसम के लिए”
सपनों को कभी मरने नहीं देना चाहिए इसलिए पाश ने लिखा कि सबसे खतरनाक होता है सपनों का मर जाना। लेकिन, पाश के सपने भी अधूरे ही रह गये। दरअसल 23 मार्च को खालिस्तानी उग्रवादियों…
राम जेठमलानी – स्मगलरों को उनकी काली कमाई से मुक्ति दिलाना जिसका कर्तव्य था
साल था 1959। उस वक्त की न्याय व्यवस्था आज की तरह नहीं थी, जूरी का सिस्टम था। एक पारसी बांका नेवी ऑफिसर कावस नानावटी कोर्ट में मौजूद था। मामला था कि उसने एक प्लेबॉय प्रेम…
सर पर छत है पर पानी टपकता है
सर पर छत है , पर पानी टपकता है। खुशियों का अंबार है , पर आदमी फफकता है। चारों तरफ नीतिज्ञ हैं, पर वह बहकता है। बेईमानी से भरा है, पर वो…
खेत बचे ही कहां…
राजेश पिछले कई सालों से कॉलेज व सरकारी नौकरी की परीक्षाओं की तैयारी के लिए घर से दूर दूसरे राज्य में रह रहा था। आठ साल बाद वह अपने घर लौटा। राजेश का रिहायशी इलाका…



