अभी 29 अप्रैल यानी कल ही सुने कि इरफान खान चल बसे, अभी सोशल मीडिया से लेकर हर घर तक इस बॉलीवुड अभिनेता के जाने से शोक संवेदना ठीक से व्यक्त न हो सकी थी कि इससे पहले ही आज यानी 30 अप्रैल को बॉलीवुड के एक औऱ पुराने और मशहूर फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर को हमने खो दिया। ऋषि कपूर का जन्म 4 सितंबर 1952 को हुआ था। हिन्दी फ़िल्मों के एक अभिनेता होने के साथ वह एक फ़िल्म निर्माता और निर्देशक भी थे। वह एक बाल कलाकार के रूप में भी काम कर चुके है।
प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता ऋषि कपूर का अंतिम संस्कार मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में किया गया। लॉकडाउन के चलते ऋषि कपूर की अंतिम यात्रा में परिवार के कुछ लोग ही शामिल हो सके। मुंबई पुलिस के कहने पर कपूर परिवार ऋषि का पार्थिव शरीर घर की जगह सीधे चंदनवाड़ी श्मशान घाट लेकर गया। करीब आधे घंटे में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हुई। आपको बता दें कि ऋषि कपूर को सांस लेने में तकलीफ होने के बाद बुधवार को मुंबई के एचएन रिलायंस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
ऋषि कपूर के निधन की जानकारी अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर दी थी कि ऋषि कपूर का निधन हो गया है। बता दें कि ऋषि कपूर के निधन के बाद परिवार ने स्टेटमेंट जारी कर लिखा था, ‘हमारे प्यारे ऋषि कपूर आज सुबह 8.45 पर इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ का कहना है कि वह लास्ट तक सभी को एंटरटेन करते रहते थे। वह इन 2 सालों में बीमारी से लड़ते हुए भी खुश रहते थे। उनका फोकस सिर्फ परिवार, दोस्त, खाना और फिल्मों में था। जो भी उनसे मिलता वो ये देखकर चौंक जाते थे कि कैसे ऋषि ने बीमारी से खुद को कभी निराश नहीं होने दिया।’
निधन कैसे हुआ?
2018 में उन्हें कैंसर का पता चला था, जिसके बाद लगभग एक वर्ष तक न्यूयॉर्क में उनका इलाज चला था। दो वर्षो तक चली पीड़ा के बाद, ऋषि कपूर की अंतिम सांस 30 अप्रैल को सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर ही मुंबई में खत्म हो गई। 67 वर्ष के ऋषि अंतिम समय में मुम्बई के एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती थे। इस बीच वे अपनी फिल्म शर्माजी नमकीन की शूटिंग कर रहे थे। सोशल मीडिया पर अपने ट्वीट्स के लिए
बेटी लॉकडाउन के चलते नहीं पहंच सकीं अंतिम समय
ऋषि कपूर का गुरुवार दोपहर चंदनवाड़ी श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। यहां उनकी पत्नी नीतू कपूर और बेटे रणबीर कपूर समेत करीब 24 लोग मौजूद थे। उनकी बेटी रिद्धिमा कपूर साहनी दिल्ली में हैं। उन्होंने पहले डीजीसीए से चार्टर प्लेन से जाने की मंजूरी मांगी थी, जो नहीं मिल सकी। अब दिल्ली पुलिस ने उन्हें सड़क के रास्ते जाने की मंजूरी दी है। रिद्धिमा 1400 किमी का सफर सड़क के रास्ते तय करेंगी। इसलिए पिता के अंतिम संस्कार के वक्त वे मुंबई नहीं पहुंच सकीं।
अंतिम बार कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर क्या कहा था कपूर ने
कोरोना वायरस को लेकर सबके साथ मिलकर लड़ाई जीतने की बात कही थी।
An appeal ? to all brothers and sisters from all social status and faiths. Please don’t resort to violence,stone throwing or lynching. Doctors,Nurses,Medics, Policemen etc..are endangering their lives to save you. We have to win this Coronavirus war together. Please. Jai Hind!??
— Rishi Kapoor (@chintskap) April 2, 2020
इन पुरस्कारों से किये जा चुके हैं सम्मानित
उन्हें बॉबी फ़िल्म के लिए 1974 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फ़िल्म फ़ेयर पुरस्कार और साथ ही 2008 में फ़िल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार सहित अन्य पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। 1970 में उन्होंने उनकी पहली फ़िल्म मेरा नाम जोकर में बाल कलाकार के रूप में शानदार भूमिका के लिए राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त किया। वर्ष 1973 और 2000 के बीच 92 फिल्मों में रोमांटिक लीड के रूप में प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं। दो दूनी चार में उनके प्रदर्शन के लिए, उन्हें 2011 का सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फिल्मफेयर क्रिटिक्स पुरस्कार दिया गया, और कपूर एण्ड सन्स में अपनी भूमिका के लिए, उन्होंने 2017 का सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। उन्हें 2008 में फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। वह 1973 से 1981 के बीच बारह फिल्मों में अपनी पत्नी नीतू सिंह (1980 में शादी) के साथ दिखाई दिए।
कपूर परिवार कैसे पला बढ़ा
कपूर का जन्म पंजाब के कपूर परिवार में मुंबई के चेम्बूर में हुआ था। वह विख्यात अभिनेता-फिल्म निर्देशक राज कपूर के पुत्र और अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के पोते थे। उन्होंने कैंपियन स्कूल, मुंबई और मेयो कॉलेज, अजमेर में अपने भाइयों के साथ अपनी स्कूली शिक्षा की। उनके भाई रणधीर कपूर और राजीव कपूर, इसके अलावा दो बहनें ऋतु नंदा, रिमा जैन, मामा प्रेमनाथ और राजेन्द्रनाथ और चाचा शशि कपूर और शम्मी कपूर सभी अभिनेता हैं। ऋषि कपूर परम्परा के अनूसार उन्होने भी अपने दादा और पिता के नक्शे क़दम पर चलते हूए फिल्मों में अभिनय किया और वे एक सफल अभिनेता के रूप में उभर आए। मेरा नाम जोकर उनकी पहली फिल्म थी जिसमें उन्होने अपने पिता के बचपन का रोल किया था। बतौर मुख्य अभिनेता के रूप में उनकी पहली फ़िल्म बॉबी थी, जिसमें उनके साथ डिंपल कपाड़िया भी दिखाई दी। ऋषि कपूर और नीतू सिंह की शादी 22 जनवरी 1980 में हुई थी।
ऋषि कपूर के दो संतानें रणबीर कपूर (अभिनेता) और रिदीमा कपूर (ड्रैस डिजाइनर) है। करिश्मा कपूर और करीना कपूर इनकी भतीजियां हैं। ऋषि कपूर अपने सोशल मीडिया पर उनकी टिप्पणियों के लिए विवादों में रहे हैं।
बॉलीवुड में स्वर कोकिला के नाम से चर्चित जानी-मानी गायिका लता मंगेशकर ने अपने ट्विटर अकाउंट से ऋषि कपूर और अपनी एक तस्वीर साझा की है।
लता ने इस फोटो के साथ लिखा है, ”कुछ समय पहले ऋषि जी ने मुझे अपनी और मेरी तस्वीर भेजी थी। वो सब दिन, सब बातें याद आ रही हैं। मैं शब्दहीन हो गई हूं।”
Kuch samay pehle Rishi ji ne mujhe unki aur meri ye tasveer bheji thi.wo sab din,sab baatein yaad aarahi hain. Main shabdheen hogayi hun. pic.twitter.com/IpwCKMqUBq
— Lata Mangeshkar (@mangeshkarlata) April 30, 2020
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