पर्यावरण दिवस (कहानी) …और पेड़ कट गया
विकास यह एक गांव की कहानी है, जिसके नाम का कोई मतलब नहीं है। वैसे भी अब ये वैसा नहीं रह गया है, जैसा कि यहां की बूढ़ी आंखों ने देखा था फिर भी अभी…
विकास यह एक गांव की कहानी है, जिसके नाम का कोई मतलब नहीं है। वैसे भी अब ये वैसा नहीं रह गया है, जैसा कि यहां की बूढ़ी आंखों ने देखा था फिर भी अभी…
कुछ दिन पहले झूम रहा था जाने क्या हुआ अब उसको उसके मन की करुण दशा भला बताए जाकर किसको सूखे मुरझाए हैं पत्ते, सूखी हर डाली-डाली कहां गई उस तरु की हरियाली गर्मी के…