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चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनाव के लिए दिया नागरिक को यह हथियार, जानिए क्या है यह अधिकार

-धनंजय

भारत निर्वाचन आयोग ने संशोधित दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इसका उल्लंघन होने पर मतदाता चुनाव आयोग के ‘सी विजिल’ मोबाइल ऐप के जरिये शिकायत कर सकेंगे।

नई दिल्ली। अब चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद उम्मीदवार रात के समय प्रचार अभियान थमने पर मतदाताओं को फोन कॉल, एसएमएस या व्हाट्सऐप संदेश के जरिये वोट मांगने की अपील नहीं कर सकेंगे। चुनाव के दौरान मतदाता को शराब व धन का लालच देने वाले अब बच नहीं पाएंगे। अभी तक आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों की मॉनिटरिंग चुनाव आयोग व जिला प्रशासन ही करते थे, अब हर व्यक्ति इस पर नजर रख सकेगा। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने सी-विजिल एप लॉन्च किया है जिसकी जरिए कोई भी व्यक्ति आचार संहिता का उल्लंघन करने वालों पर 100 मिनट में कार्रवाई सुनिश्चित करा सकेगा। सूचना देने वालों को डरने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि उसका नाम पूरी तरह गुप्त रहेगा।

निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में संशोधित दिशा-निर्देश जारी कर भविष्य में होने वाले चुनावों के लिए यह प्रतिबंध लागू किया है। बता दें कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद प्रतिदिन रात दस बजे से सुबह छह बजे तक की वह अवधि शामिल है, जिसमें चुनाव प्रचार निषिद्ध होता है। उम्मीदवार आचार संहिता लागू होने के बाद दिन में ही प्रचार अभियान चला सकते हैं वह चाहे किसी भी तरीके का संवाद या संचार का तरीका ही क्यों न हो।

आयोग ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि नागरिकों की निजता का सम्मान हो और सामान्य जनजीवन में अशांति या व्यवधान को रोका जा सके। आयोग ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के हवाले से इस साल 20 अप्रैल को जारी निर्देश में संशोधन करते हुये यह व्यवस्था लागू की है।

गौरतलब हो कि इस साल के अंत में पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव और अगले लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुये मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने आयुक्त सुनील अरोरा और अशोक लवासा के साथ 3जुलाई को यह ऑनलाइन ऐप लॉन्च किया था। ऐप सी-विजिल का पूरा नाम ही सिटिजन विजिल है।

ऐसे कर सकेंगे शिकायत

सी-विजिल (cVIGIL) एप प्ले स्टोर से एंड्रॉयड मोबाइल में डाउनलोड किया जा सकता है। चुनाव के दौरान यदि कोई व्यक्ति आचार संहिता का उल्लंघन करता नजर आता है तो इस एप के माध्यम से शिकायत की जा सकेगी। एप खोलते ही उसमें भाषा का चुनाव करना होगा।

इसके बाद अपना मोबाइल नं. भरना होगा। एक ओटीपी की सहायता से आपका नं. पंजीकृत हो जाएगा। इसके बाद वीडियो व फोटो का ऑप्शन आता है। यदि आपको फोटो लेना है तो फोटो ऑप्शन को क्लिक करना होगा। इसके बाद फोटो खींच सकेंगे। फोटो क्लिक होते ही यह पूछा जाएगा कि शिकायत का प्रकार क्या है। यह बताने के लिए एप में ऑप्शन मिलेंगे।

ऑप्शन सिलेक्ट करने के बाद आपकी शिकायत चुनाव आयोग को पहुंच जाएगी। इस शिकायत पर 100 मिनट में कार्रवाई सुनिश्चित होगी। इसी तरह वीडियो भी भेजा जा सकेगा।

बता दें कि सी-विजिल एप अभी शुरू नहीं हुआ है, लेकिन टेस्टिंग के लिए चालू है। यदि कोई व्यक्ति इसके बारे में जानना चाहता है तो वह अभी इसे अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करके शिकायत करने की रिहर्सल कर सकते हैं।

जीपीएस से अपने आप पता चलेगा शिकायतकर्ता की लोकेशन

शिकायत करने वाले व्यक्ति की लोकेशन मोबाइल फोन के जीपीएस से मिलेगी। शिकायतकर्ता को यह बताने की आवश्यकता नहीं होगी कि वह कहां से शिकायत कर रहा है। चुनाव आयोग को लोकेशन मिलते ही वह उसे जिला निर्वाचन आयोग के पास फारवर्ड करेंगे और वहां से संबंधित इलाके के अधिकारियों पर यह शिकायत पहुंचेगी जो कार्रवाई करेगा। शिकायत करने के बाद शिकायतकर्ता को मोबाइल फोन पर एक यूनिक आईडी मिलेगी जिसके माध्यम से वह कार्रवाई के बारे में जान सकेगा।

 

Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

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