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डीयूः 88 फीसद छात्रों को फेल किए जाने के मामले ने पकड़ा तूल, 14 मार्च को कुलपति का पुतला दहन

डीयू के एक विभाग में 88 फीसद छात्र हुए फेल, भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की हालत खराब, प्रशासन मामले को कर रहा नजरअंदाज

दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के गणित विभाग में 88 फीसद छात्रों को फेल किए जाने के मामले में परास्नातक के छात्रों का उत्तरी परिसर के विभाग के सामने महीने भर से धरना प्रदर्शन चल रहा है। छात्रों की मांग है कि उन्हें उनकी कॉपी दिखा दी जाए और यह बता दिया जाए कि आखिर उनको परीक्षा में फेल क्यों किया गया। प्रशासन अब तक छात्रों के सवालों का जवाब देना तो दूर सुध लेने भी नहीं आया। कुलपति और कुलसचिव ने छात्रों से मिलने को मना कर दिया। इसके बाद छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। 4 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबियत बिगड़ने लगी। इसके बाद एक छात्र रवींद्र को अस्पताल भी ले जाया गया।

मामला क्या है, देखें पूरी वीडियो

बता दें कि गणित विभाग में 40 में से 35 छात्रों को सेमेस्टर की परीक्षा में फेल कर दिया गया। ऐसा केवल गणित विभाग में ही नहीं किया गया बल्कि भौतिकी, अर्थशास्त्र, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और एनसीवेब की परीक्षाओं में भी किया गया हर साल केवल 20-30 फीसद छात्र ही परीक्षा में पास कर पाते हैं और निश्चित अवधि में डिग्री हासिल कर पाते हैं।

गणित विभाग के छात्रों का अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल अब भी जारी है। छात्रों का आरोप है कि प्रशासन मिलने के बजाय धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस की सहायता से हटाने का प्रयास कर रहा है। इन सबके बजाय छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।

12 मार्च को इस मुद्दे को लेकर उत्तरी परिसर में कला संकाय के गेट नं. 1 पर प्रशासन का छात्रों के प्रति रवैये को देखते हुए 60 छात्रों ने लंबे समय तक प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि इसके बाद भी इन छात्रों से मिलने डीयू का कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं आया। इस पर छात्रों ने गेट से अंदर जाने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिस ने छात्रों के साथ बर्बरतापूर्ण कार्यवाही की और अंदर जाने से रोक दिया। यहां तक कि प्रदर्शन में शामिल एक महिला पर पुलिस ने बल का प्रयोग करते हुए घायल कर दिया।

भूख हड़ताल जारी देखते हुए डीयू की डीन ने बैठक की लेकिन इसके बाद उन्होंने यह कहकर किनारा कस लिया कि इस मुद्दे पर वह कुछ नहीं कर सकते। डीन के गैरजिम्मेदाराना व्यवहार को देखते हुए छात्रों ने इसके विरोध में एक रैली निकाला लेकिन उसे भी परिसर में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। इसको देखते हुए छात्रों ने 14 मार्च को एक पब्लिक मीटिंग बुलाई है, जिसमें विश्वविद्यालय के शिक्षक संघ के सदस्यों के भी शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह बैठक एआईएसएफ, डीएसय़ू, एसएफआई, बीएससीईएम, केवाईएस औऱ एलएसआई छात्र संगठन की ओर से बुलाई गई है, जिसमें कुलपति का पुतला दहन करके विरोध भी जताया जाएगा।

Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

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