शिक्षक दिवस : सिर्फ केक के साथ न कट जाए यह दिन
रात अंधेरी हो चली है। नगर से बाहर नदी के किनारे एक कुटिया में दीपक जल रहा है। इस दीपक के प्रकाश में दो आकृतियां नजर आ रही हैं। एक किसी वृद्ध की जिनका तेज…
रात अंधेरी हो चली है। नगर से बाहर नदी के किनारे एक कुटिया में दीपक जल रहा है। इस दीपक के प्रकाश में दो आकृतियां नजर आ रही हैं। एक किसी वृद्ध की जिनका तेज…
मैं रही राधा..रही मीरा, रही सीता रुक्मणी भी, उर्मिला भी मैं, अहिल्या भी रही हूँ युग रहा कोई, कहानी जो रही हो मैं अधूरे प्यार से पूरी हुई हूँ! मैं उपेक्षित उर्मिला सी हूँ…
रोहन ओर प्रीतो की अच्छी दोस्ती थी, दोनों हमेशा एक दूसरे का साथ देते थे हर परिस्थिति में, जल्द ही ये दोस्ती प्यार में भी बदल गयी। दोनों में किसी को भी किसी चीज की…
प्रिय अमृता, माफ करना, बिना पूछे या जाने ही तुम्हें प्रिय लिख रहा हूं। लेकिन क्या करूं, तुम्हारे बारे में पढ़-पढ़ कर बस इतना ही समझ पाया कि तुम प्रेम की किसी मूरत जैसी ही…