सहायता करे
SUBSCRIBE
FOLLOW US
  • YouTube
Loading

लाउडस्पीकर का विरोध करने पर न्यूज़18 के पत्रकार हुए भीड़ का शिकार

भारत दुनिया में पत्रकारिता के लिए असुरक्षित देशों की सूची में पांचवे स्थान पर आता है, ये दावा रिपोर्टर्स विदाउट बोर्डर्स नाम की एक एजेंसी के सर्वे दिसम्बर 2021 में किया गया था।

हाल फ़िलहाल के मामलों पर अगर गौर करें तो इस रिपोर्ट में जो दावा किया गया है वो देश में हो रहे लगातार पत्रकारों पर हमले उसको सही भी साबित करते हैं।

ज़्यादा दूर ना जाते हुए हम अगर बात करें पिछले कुछ महीनों और हफ्तों की तो हमारे सामने बहुत सारे मामले सामने आए हैं।

पिछले साल दिसम्बर में केंद्रीय गृह मंत्री टेनी का एक वीडियो सामने आया जब वह एबीपी के एक पत्रकार के सवाल पर गुस्से में भड़क गए और उनके साथ गाली गलौज के बाद हाथापाई तक नौबत की आ गई।

इसके बाद सबसे ताजातरीन उदाहरण है बाबा रामदेव का मार्च महीने में आया एक वीडियो जिसमें वह पत्रकार के सवाल पर असहज महसूस करने के बाद उस पत्रकार को गुस्से में बदसलूकी और धमकाते हुए दिखाई दिए।

ये वो मामले हैं जो देश की मुख्यधारा की मीडिया के जरिए सामने आते हैं ऐसे पत्रकारों पर हमलों के ना जाने कितने ही मामले हैं जिनके बारे में किसी को कोई ख़बर ही नहीं लगती।

जहां हर मुद्दें पर गोदी मीडिया हिंदू मुस्लिम पर डिबेट करती है आज वही गोदी मीडिया के पत्रकारों के लिए मुसिबत बनती जा रही है।

10 अप्रैल रविवार को एक मामला और जुड़ गया है ये मामला है उत्तर प्रदेश के नोएडा एक्सटेंशन के ऑक्सफोर्ड स्क्वेयर सुपर टेक ईकोविलेज 3, सोसाइटी का। न्यूज 18 के एक वरिष्ठ पत्रकार पर भीड़ ने देर रात तक जगराते के दौरान लाउडस्पीकर बजाने का विरोध करने पर हमला किया गया और पत्रकार की पत्नी को भी धमकाया।

दर-असल पूरा मामला रविवार 10 अप्रैल की रात का है जब नोएडा एक्सटेंशन के ईको विलेज में रामनवमी के जागरण में देर रात तक ऊंची आवाज़ में लाउडस्पीकर बजाया जा रहा था। उस ही सोसाइटी में न्यूज 18 के वरिष्ठ पत्रकार सौरभ शर्मा भी अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनका एक छोटा बच्चा भी है तो देर रात तक लाउडस्पीकर की आवाज़ से वह भी परेशान था, वह सोसाइटी में जागरण के आयोजकों के पास इसे बंद करवाने के लिए गए और उन्होंने पुलिस की मदद के लिए 112 नंबर पर कॉल किया,पुलिस ने मौक़े पर पहुँच कर जागरण के आयोजकों को ये सब रोकने के लिए कहा तो वहां जागरण में मौजूद लोग उग्र हो गए। आयोजकों ने पुलिस को कहा कि हमारे पास देर रात तक डीजे और लाउडस्पीकर बजाने की परमिशन है। सौरभ के अनुसार जब उन्होंने आयोजकों से परमिशन लेटर दिखाने के लिए लोगों से कहा तो वह भड़क गए, उनके खिलाफ़ देशद्रोही के नारे लगाने लगे और मुझे पाकिस्तानी बता कर जान से मारने की धमकी देने लगे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आयोजक ने ये पाकिस्तानी है इसे जान से मार देते हैं की धमकी दी  उस समय वहाँ पुलिस के दो जवान मौजूद थे और उन्होनें कुछ नहीं किया।

 

सौरभ के अनुसार भीड़ उनकी किसी भी बात को सुन ने को तैयार नहीं थी और उन पर हमला कर दिया। सौरभ को मोब लींचींग जैसा खतरा महसूस हुआ तो वह जैसे तैसे जान बचा कर भागे हमलावरों ने सौरभ का काफी दूर तक पीछा किया।

वह अपने घर पहुंचने के बाद पुलिस थाने गए और  शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में सौरभ की पत्नी ने जान को खतरा बताया और पुलिस सुरक्षा देने के लिए कहा, जिसके बाद कुछ पुलिस कर्मियों को मौक़े पर भेजा गया।

घटनास्थल पर जिस पुलिस कर्मी को भेजा गया उसने सौरभ की पत्नी अंकिता शर्मा को मौके पर बुलाया।

जब अंकिता वहां पहुंची तो भीड़ ने उनके साथ भी बदसलूकी की और उन्हें भी गालियां दी।

पुलिस और RWA प्रेसिडेंट के. डी. सिंह ने मामले में बीच बचाव करते हुए भीड़ को समझाने  की कोशिश की और अंकिता को बचाया।

इस हंगामे के दौरान अंकिता के हाथ से उनके 6 साल के बच्चे का हाथ छूट गया और वह भी लगातार अपनी माँ से 45 मिनट दूर रहा और रोता रहा।

सौरभ ने बताया कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद बसरिख थाने में रात 12 बजे तहरीर दर्ज करवा दिया था। बावज़ूद इसके पुलिस लगातार मामले को टाल रही है।

सौरभ ने कहा कि मेरी पत्नी और बच्चे को जान का खतरा है।

लेकिन दूसरी तरफ एक शिकायतपत्र वायरल हो रहा है जिसमें सौरभ शर्मा को नशे की हालत में बताया है।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार साक्षी जोशी ने अपने ट्वीटर से एप्लीकेशन की कॉपी ट्वीट करते हुए लिखा है कि ‘सौरभ शर्मा रात्रि मैं नशे मैं भी थे’

ये वाक्य बाद में अलग से जोड़ा गया है। पैरा बदला,1 लाइन छूटी,ये जोड़ा गया।लिखावट अलग है,जिसने ये लिखा है उसे में और मैं में फ़र्क़ नहीं पता है।असल शिकायतकर्ता स घुमावदार लिखते हैं,बाद वाले का स देखिए। सौरभ शर्मा का नाम हर जगह जोड़ा गया है साफ है। साक्षी जोशी यहाँ एप्लीकेशन में छेड़ छाड़ की तरफ इशारा करती नजर आ रहीं हैं। और एप्लिकेशन में भी ये गलतियां साफ तौर पर देखी जा सकती है।

Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

About the Author

सुमित
सुमित वीडियो जर्नलिस्ट के साथ -साथ समसामयिक मुद्दों पर लेखन भी करते हैं।

Be the first to comment on "लाउडस्पीकर का विरोध करने पर न्यूज़18 के पत्रकार हुए भीड़ का शिकार"

Leave a comment

Your email address will not be published.


*