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देश के ताजा हालात पर एक प्रश्न- क्या लिखूँ?

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सत्ता की दलाली या अंतर्रात्मा की आवाज़ लिखूँ?

झूठ का साम्राज्य या सच का ख्वाब लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

उन्नाव के किसानों का आर्द्र रूदन या बिचौलियों की सरकार लिखूँ?

मजदूरों की कुदाल या पूँजीपतियों का माल लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

वंचितों – शोषितों का उत्पीड़न या वर्चस्ववादियों का पक्षपात लिखूँ?

बेरोजगारों की हाहाकार या धर्म की जय – जयकार लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

दफ्तरों में होती ज्यादतियाँ या फब्तियाँ कसते सड़कबाज लिखूँ?

स्त्रियों की करुण गाथा या पुरुषों का बेखौफ साम्राज्य लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

भूखी आँतों की मरोड़ या भरे पेटों की लंबी डकार लिखूँ?

अस्पतालों में दम तोड़ता मरीज या पेरिस भ्रमण पर जाते मंत्री का बयान लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

पढ़ाई छोड़कर गार्ड बनता छात्र या शिक्षा का बाजार लिखूँ?

पंथनिरपेक्ष संविधान या बीएचयू का फिरोज खान लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

ब्रिटिश राज का दमन या कल का जेएनयू छात्रों पर हुआ पुलिसिया लाठीचार्ज लिखूँ?

गाँधी का अहिंसक सत्याग्रह या जेएनयू छात्रों पर अहिंसा की छाप लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

पुलिसिया बूटों की अंधी मार या शशिभूषण की इंकलाबी ललकार लिखूँ?

मिमियाते भक्तों का किया फोटो एडिट या प्रियंका भारती की समाजवादी दहाड़ लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

छात्राओं के फटते कुर्ते या उनका निर्भीक स्वाभिमान लिखूँ?

बिके हुए पत्रकार या आजादी (पूँजीवाद से) का गान लिखूँ?

क्या लिखूँ?

 

सत्ताधीशों की सस्ती राजनीति या भयभीत जनता की चीत्कार लिखूँ?

देश में झूठ का राज या सच बोलने का ख्वाब लिखूँ?

क्या लिखूँ?

About the Author

पवन कुमार यादव
पवन कुमार यादव, परास्नातक छात्र , दिल्ली विश्वविद्यालय

1 Comment on "देश के ताजा हालात पर एक प्रश्न- क्या लिखूँ?"

  1. Awesome dau

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