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कलम

लब और कलम दोनों को आज़ाद करने की कोशिश, निलेश शर्मा की खास पंक्तियां

-निलेश शर्मा मैं हर उस जगह पर होना चाहता हूं जहाँ मुझे होना चाहिए, जैसे उस घड़ी की तरफ जो भागता रहता है सबकी कलाईयों में बंधकर, उन बातों में जब वो दोनों लड़कियां कान…


शेक्सपियर बनने की चाहत में लक्ष्मण फुटपाथ पर चलाते हैं कलम और बनाते हैं चाय

-प्रभात जब इंसान किसी लक्ष्य को हासिल करने का मन बना ले तो प्रेरणा प्रदान करने के लिए कोई वस्तु या व्यक्ति अपने आप सामने आ जाता है। सपना उसकी हकीकत को दिखाने के लिए…