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मायावती पर रणदीप हुड्डा ने की जातिसूचक टिप्पणी, क्या रणदीप मांगेंगे मांफी?

फिल्मों में बेहतरीन रोल करने वाले अभिनेता रणदीप हुड्डा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो गया। जिसके बाद वे विवादों में आ गये हैं। दरअसल अभिनेता रणदीप हुड्डा का ये वीडियो 2012 का है। जिसमें वो बहुजन समाज पार्टी की नेता और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर “सेक्सिस्ट और जातिसूचक” टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं।

इस वीडियो के सामने आने के बाद रणदीप हुड्डा को गिरफ्तार करने की मांग चल रही है। #ArrestRandeepHooda ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। इसके अलावा अब इस मामले में हरियाणा के हिसार में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है। बहुजन समाज बटालियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अतुल खोड़ावाल ने भी मेरठ पुलिस में शिकायत दर्ज की है।

हालांकि उनकी गिरफ्तारी तो नहीं हुई है लेकिन अब उन्हें यूनाइटेड नेशन के पर्यावरण संबंधी संगठन (CMS) के “ब्रांड अंबेसडर” के पद से हटा दिया गया है। साथ ही संगठन ने उनकी टिप्पणी को शर्मनाक बताया और स्पष्टीकरण दिया है कि 2012 में की गई रणदीप हुड्डा की इस टिप्पणी के बारे में वो पहले से अवगत नहीं थे।

यूनाइटेड नेशन का पर्यावरण और जैव विविधता संबंधी संगठन (CMS) एकमात्र ऐसा संगठन था, जिसके ब्रैंड एम्बेसडर रणदीप हुड्डा थे। उससे निकाले जाने के बाद अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में उनकी आइकॉन इमेज खत्म मानी जा रही है।

अब जानते हैं कि रणदीप ने ऐसा क्या कहा कि उनकी गिरफ्तारी की बात हो रही है। रणदीप उस वीडियो में कहते हैं जिसमें वह एक कार्यक्रम में स्टेज पर बैठे हैं। आसपास और भी कई सारे गेस्ट मौजूद हैं, इसी दौरान दर्शकों की तरफ देखते हुए रणदीप हुड्डा कहते हैं कि मैं एक ‘डर्टी जोक’ सुनाना चाहता हूं। आगे रणदीप कहते हैं, मिस मायावती 2 बच्चों के साथ गली में जा रही थीं। वहां एक शख्स था, उसने उनसे पूछा कि क्या ये दोनों बच्चे जुड़वां हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि नहीं, यह 4 साल का है और वह 8 साल का है। इसके बाद उस आदमी ने कहा कि मुझे विश्वास नहीं होता कि कोई आदमी वहां दो बार भी जा सकता है।

इस बेहूदा जोक पर वहां पर मौजूद ऑडियंस तो मजे लेकर सुनती रही मगर अब सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है।

आपको बता दें कि ये कोई नई बात नहीं कि जब किसी ने इस तरह की जातिगत टिप्पणी की हो इससे पहले भी कई ऐसी हस्तियां हैं जिन्हें लोगों ने बहुत प्यार दिया लेकिन उन्होंने इस तरह की जाति विशेष पर टिप्पणीयां की। जिसके बाद सोशल मीडिया पर लोग उनकी गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

आपको याद होगा कुछ दिन पहले मुनमुन दत्ता ने भी इसी तरह अपनी वीडियो में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया था जिसके बाद लोगों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी हालांकि बाद में मुनमुन दत्ता ने माफी मांग ली थी।

दो दिन पहले, युविका चौधरी ने भी अपने एक ब्लॉग (वीडियो लॉग) में हरिजन समुदाय के ल‍िए जाति सूचक शब्‍द का इस्‍तेमाल क‍िया। जिसके बाद उन्‍हें ग‍िरफ्तार करने की मांग हुई और उन्होंने एक ट्विट लिखकर माफी मांगी और कहा कि मुझे नहीं मालूम था कि जो शब्‍द मैंने इस्‍तेमाल किया उस शब्द का क्या मतलब है। मैं किसी को आहत नहीं करना चाहती थीं और ना ही किसी को चोट पहुंचाना चाहती थी। इस बात के लिए मैं सभी से माफी मांगती हूं। उम्मीद है कि आप सभी लोग समझेंगे।

जब ये वीडियो क्लिप वायरल होने लगी तो कई सोशल मीडिया यूजर्स ने रणदीप को आड़े हाथ लिया। और गिरफ्तारी की मांग करने लगे।

एक युजर ने लिखा कि क्या इससे पता नहीं चलता कि हमारा समाज कितना जातिवादी और सेक्सिस्ट है। खासकर दलित महिलाओं के प्रति। मुझे नहीं पता कि क्या होगा। मजाक, दुस्साहस, भीड़। बॉलीवुड के टॉप एक्टर रणदीप हुड्डा एक दलित महिला के बारे में बात कर रहे हैं, जो उत्पीड़ितों की आवाज रही है।

इंकलाब सिंह ने लिखा कि प्रिय रणदीप हुड्डा। तथाकथित आदमी बनें। अपनी गलती के लिए मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करें। अगर आप चाहें तो मैं अपराध की व्याख्या और दंडात्मक धाराओं के बारे में लिख सकता हूं। वर्ना कानूनी तौर पर आपको वैसे भी जेल जाना होगा। अपना ख्याल रखें।

एक यूजर ने लिखा है, “यह दलित महिला के बारे में नहीं है। जाति और धर्म से परे जाकर महिलाओं का सम्मान करना चाहिए। रणदीप हुड्डा तुम पर लानत है। तुम पर यौन शोषण और जातिवाद का आरोप है।

CPIML नेता कविता कृष्णन ने नाराजगी जताते हुए अपनी पोस्ट में लिखा है कि ऐसे ही जाति आधारित सेक्शुअल वायलेंस हमेशा काम करता है। साथ ही दलित, आदिवासी महिला को बदसूरत, गंदी और घृणास्पद तरीके से पेश किया जाता है और सभी के लिए अत्यधिक रूप से कामुक और उपलब्ध बताया जाता है। यह दोहरी रणनीति कैसे काम करती है, इसके उदाहरण के तौर पर सूर्पणखा के बारे में सोचें।

पत्रकार रोहिणी सिंह ने लिखा है कि एक ऐसी सोच और ऐसी व्यवस्था जिसने दलित होना अपराध और दलित महिला होना पाप बना दिया था, तब सभी सामाजिक बंधनों को तोड़ सत्ता के शीर्ष गलियारे तक अपनी जगह बनाने वाली मायावती के संघर्ष की कहानी अद्वितीय है। रणदीप हुड्डा उसी सोच का परिणाम हैं जिसपर मायावती ने कई बार विजय पायी है।

विनोद झाकर नाम के शख्स ने लिखा है कि रणदीप हुड्डा जैसे अभिनेता को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार किया जाना चाहिए महिलाओं के प्रति उनकी सोच समाज के लिए घातक है

सुधींद्र भदौरिया BSP से है और उन्होंने लिखा है कि इस प्रकार की मनुवादी मानसिकता पर क़ानून के ज़रिये लगाम लगनी चाहिए।कार्यवाही न करके जातिवादी दलित,शोषित, महिला विरोधी मानसिकता रखने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलता है।क़ानून के ज़रिये सरकार तत्काल कठोर कदम उठाए।

Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

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