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भड़काऊ बयान देने वाले महंत लोगों में घोल रहे नफरती ज़हर, सोशल मीडिया पर हो रही है चर्चा

भारत को साधु संत और महात्माओं का देश कहा जाता है। देश के कई संत महात्माओं ने भारत का नाम विदेशों में भी रोशन किया है जिनमे सबसे पहले दिमाग में ख्याल आता है स्वामी विवेकानंद का जिन्होंने अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए भाषण दिया था। जिसके बाद अमेरिका, इंग्लैंड जैसे पश्चिमी देशों में भारत के प्रति सोच बदलने का काम किया। सिर्फ स्वामी विवेकानंद ही नहीं उनके बाद भी ना जाने कितने ही साधु संतों ने भारत की संस्कृति को विदेशों में पहचान दिलाई है।लेकिन जैसा हम सभी जानते हैं सिक्के के दो पहलू होते हैं। सिक्के का एक पहलू तो आपने पढ़ लिया अब बात करते हैं दूसरे पहलू की स्वामी विवेकानंद जैसे महान संतों ने देश का नाम विदेशों में रोशन किया है वैसे ही देश में कुछ साधु संत ऐसे भी हैं जो लगातार अपने भड़काऊ भाषण से एक खास समुदाय के लोगों के ख़िलाफ़ सभी मर्यादाओं को पार कर मुस्लिमों और अल्पसंख्यकों को धमकाते नजर आ रहे हैं। अभी हाल ही के 2 मामलों का उदाहरण हमारे सामने है। पहला मामला था महंत यति नरसिंहानंद का, जब वह दिल्ली के बुराड़ी में एक हिन्दू महापंचायत के दौरान वह हिन्दुओं को अधिक बच्चे पैदा करने की सलाह दे रहे थे और मुस्लिमों के खिलाफ़ भी भड़काऊ भाषण देते हुए नजर आए पंचायत के दौरान महंत के समर्थकों ने वहां मौजूद पत्रकारों से भी मार पीट और बदसलूकी की।

इससे पहले एक और मामला सुर्खियों में रहा। जिसमें आजकल लाला रामदेव के नाम से मशहूर हो रहे योग गुरु रामदेव का वीडियो सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ जिसमें वो एक पत्रकार के सवालों के जवाब के बदले उस पत्रकार से अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर पत्रकार को धमकाते हुए दिख रहे थे।

इस ही कड़ी में शुक्रवार यानी 7 अप्रैल को उत्तर प्रदेश के सीतापुर का एक और मामला जुड़ गया है। दरअसल सोशल मीडिया पर 7 अप्रैल को सीतापुर का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें महंत बजरंग मुनि दास अपनी गाड़ी में बेठे हैं और एक भाषण दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर #ArrestBajrangiMuni भी ट्रेंड कर रहा है। बजरंग मुनि दास की गिरफ्तारी की मांग भी सोशल मीडिया पर लोग उठा रहे हैं। हैरानी की बात है इतने भड़काऊ बयान देने के बाद भी पुलिस की ओर से बजरंग मुनि दास को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

ये मामला 2 अप्रैल का बताया जा रहा है। महंत बजरंग मुनि दास खैराबाद क्षेत्र के शीशे वाली मस्जिद के सामने पहुंचे थे। यहां नवरात्र के मौके पर जुलूस निकाला गया था। इस वीडियो में महंत कहता नजर आ रहा है कि अगर कोई हिंदू लड़की छेड़ी तो… तुम्हारी बहू, बेटियों को खुलेआम उठाकर लाऊंगा और उनका बलात्कार करूंगा। महंत यहीं नहीं रुका उसने कहा कि मेरी हत्या के लिए … 28 लाख रुपए इकट्‌ठा किया गया है। वहां के लोग भी सुन लो अब न … रहेगा और न तुम लोग रहोगे। गौरतलब है कि महंत मुनि ने ये धमकियां पुलिस की मौजदूगी में दी। उसके बाद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होने के बाद प्रशासन ने कार्यवाही शुरू कर दी और सीतापुर के एएसपी राजीव दीक्षित ने कहा कि बजरंग मुनि के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इसी के साथ राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी यूपी के डीजीपी को सात दिन में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, विवाद बढ़ता देख बाद में मुनि दास ने कहा कि अगर मेरी किसी भी बात से माताओं-बहनों को ठेस पहुंची है तो मैं सभी से क्षमा मांगता हूं। मैं सभी नारी जाति का सम्मान करता हूं।

 

बता दें कि ये पहला मामला नहीं है जब महंत बजरंग मुनि सुर्ख़ियों में आए हो। इससे पहले 16 फरवरी 2021 को आश्रम के निकट पड़ी जमीन पर कब्जा करने को लेकर महंत बजरंग मुनि दास और मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच विवाद हुआ था । इस दौरान बाबा और उनके समर्थकों की लोगों के साथ खूनी झड़प हो गई थी। दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। बाबा को भी गंभीर रूप से चोटें आई थीं। घटना में लोगों पर कार्रवाई न होने के चलते बाबा ने सीतापुर के सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह पर भी अपनी हत्या करवाने का आरोप लगाया था।

इस मामले पर सोशल मीडिया पर भी लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे है। 

विनोद कापड़ी ने भी इस मामले पर ट्वीट कर योगी आदित्यनाथ को घेरते हुए लिखा कि रेप की धमकी देने वाला ये राक्षस दो दिन बाद भी अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं हुआ ?

 

नाज़ीर हुसैन नाम की महिला ने पत्रकार रुबिका लियाकत पर निशाना साधते हुए लिखा कि मुस्लिम महिलाओं से बलात्कार की बात कही जा रही है फिर भी आपके मुंह से एक अल्फाज नहीं निकला @RubikaLiyaquat क्या तुम्हारी भावनाओं को ठेस नहीं पहुंची।

एक व्यक्ति ने ट्वीट कर लिखा कि ये कैसे सतं???? ये हैं राष्ट्रद्रोही! क्या सरकार और न्यायपालिका इस पर संज्ञान लेगी या इसे भी छोड़ दिया जायेगा कि यह कहकर कि इसने तो मजाक में बोला था। क्योंकि मजाक और हसंकर बोलने और करने में तो सब गुनाह माफ है और अभि तो पिछली अदालत का judgment भी है दिखाने के लिए!

 

Disclaimer: इस लेख में अभिव्यक्ति विचार लेखक के अनुभव, शोध और चिन्तन पर आधारित हैं। किसी भी विवाद के लिए फोरम4 उत्तरदायी नहीं होगा।

About the Author

सुमित
सुमित वीडियो जर्नलिस्ट के साथ -साथ समसामयिक मुद्दों पर लेखन भी करते हैं।

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