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निकाह कबूल तभी है जब निकाहनामा में ड्राइविंग के शर्तों को मंजूरी मिले: सऊदी अरब 

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तस्वीरः गूगल साभार

खबर का लेख थोड़ा विचलित कर सकता है। लेकिन, खाड़ी देश सऊदी अरब में इस शीर्षक का अर्थ समान रूप से भागीदारी के संदर्भ में है। सऊदी अरब ने कानूनी तौर पर भले ही महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति जरूर दे दी है, लेकिन इस अधिकार के उपयोग में कभी रोड़ा ना अटकाए यह सुनिश्चित करने के लिए महिलाएं कार रखने और उसके चलाने के अधिकार को अपने निकाह की शर्तों में शामिल करा रही हैं।

इससे य़ह कहना गलत नहीं होगा कि सऊदी जैसे इस्लामिक देश में महिलाओं की स्थिति में सुधार देखने में आ रहा है। दशकों तक पाबंदियों के बीच जीने के बाद अब महिलाएं ड्राइविंग के कानूनी अधिकार को निकाह के साथ शामिल करके यह बता रही हैं कि वे अब बंदिशों को नहीं सहेंगी। कुछ महिलाएं तो नौकरी करने को भी शादी के समय ही शर्त के रूप में रख कर अपना अधिकार सुनिश्चित कर रही हैं।

रियाद में निकाह पढ़ने वाले एक मौलवी अब्दुलमोसेन अल-अजेमी का कहना है, निकाह में किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए महिलाएं ड्राइविंग के अधिकार को निकाहमाने में शामिल करा रही हैं।

दम्मम के रहने वाले सेल्समैन माजद ने हाल ही में अपने निकाह के बारे में बताते हुए कहा कि कैसे उनकी मंगेतर ने शर्त रखी है कि वह कभी उसे गाड़ी चलाने से नहीं रोकेगें। वैसे तो सऊदी अरब में निकाह की शर्तों का इस्तेमाल महिलाएं और पुरुष दोनों करते हैं।

पितृसत्तात्मक सऊदी अरब में महिलाओं को सामान्य तौर पर अपने पुरुष अभिवावक (पति, पिता,या अन्य) की सभी बातें मानने के लिए मजबूर होना पड़ता है और वह कानून के शरण में भी नहीं जा सकती है। पर पुरुष यदि निकाहनामे में लिखी किसी शर्त का उल्लंघन करता है तो महिलाएं इस आधार पर उससे तलाक ले सकती हैं।

गौरतलब है कि दुनियाभर में महिलाओं के लिए बराबरी की मांग करने वालों के लिए खुशखबरी है। सऊदी अरब की तरफ से कहा गया है कि देश में महिलाओं को गाड़ी चलाने की अनुमति दी जाएगी। इस फैसले से महिलाओं के प्रति रुढ़िवादी सोच रखने वाले इस देश में सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। सऊदी अरब ऐसा करने वाला दुनिया का आखिरी देश है। महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लंबे समय से लगे प्रतिबंध को इस खाड़ी देश में महिलाओं के दमन के रूप में देखा जाता है और महिला कार्यकर्ताओं के वर्षों के संघर्ष के बाद यह कदम उठाया गया है।

सऊदी के सरकारी टीवी में ‘शाह सलमान बिन अब्दुलाजीज अल सौद ने एक आदेश जारी कर कहा था कि देश में महिलाओं के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने की अनुमति दे दी है। यह आदेश जून 2018 से लागू होगा’। घोषणा में कहा गया है कि तब तक सऊदी अरब लाइसेंस देने की अपनी सुविधा को बढ़ाने और लाखों नए चालकों के लिए बुनियादी ढांचा सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी करेगा।

About the Author

साहित्य मौर्या
लेखक जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पत्रकारिता के छात्र हैं।

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