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“ज़िंदाबाद-ज़िंदाबाद, अभी सिर्फ छह साल हुए हैं, आगे-आगे देखिए होता है क्या”

अगर आप भगवान में आस्था रखते हैं तो क्या आप किसी के साथ दुर्व्यवहार करेंगे। आप श्रीराम के भक्त होने की वजह से क्या आप दूसरों को गाली देंगे। रेप करेंगे। लिंचिंग करेंगे। मारेंगे और पीटेंगे। राम के नाम पर दंगा भड़काएंगे। क्या हमारा मजहब हमें यही सब सिखाता है। कोई भी धर्म अनैतिक कार्य करने की इजाजत नहीं देता। लेकिन हम नरेंद्र दामोदर दास मोदी जी की सरकार के समय यही सब देखते चले आ रहे हैं। यह तो रही भक्ति और भावना की बात। अगर इससे अलग अपराध-रोकथाम के लिए कानूनों की बात करें या फिर देशभक्ति की बात कर लें। यहां तक कि बाबा साहब के संविधान की बात कर लें तो उसमें इन सब चीजों के लिए सारे निवारक कदम उठाए गए हैं। अगर देश संविधान या कानून से नहीं चलेगा तो देश देश नहीं रह जाएगा। भगवान के नाम पर बैठे संरक्षक अगर धर्म की गलत व्याख्या करके कानून अपने हाथ में लेंगे तो इसका अंजाम पूरे देश को भुगतना पड़ेगा। यह वीडियो ध्यान से देखिए इसका कसूर सिर्फ इतना है कि यह नेपाली नागरिक है और भारत में रहता है। क्या आप भारत में हैं और आप किसी और देश में चले जाएं तो वहां के नागरिक आपके साथ भी ऐसा करें तो क्या कहेंगे आप। क्या आप देश का मजाक नहीं उड़ रहे। भारत और नेपाल के संबंध खराब हों या नेपाल के साथ हमारे संबंधों में तनाव हो तो क्या हम अपने अतिथि के साथ ऐसा करने लगेंगे?

हाल ही में नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने दावा किया कि वास्तविक अयोध्या नेपाल में है, भारत में नहीं। उन्होंने कहा कि भगवान राम का जन्म दक्षिणी नेपाल के थोरी में हुआ था। ओली के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने विरोध दर्ज कराया था, जिसके बाद नेपाल के विदेश मंत्रालय ने पीएम के बयान पर सफाई जारी की थी। इसमें कहा गया था कि ओली के बयान का इरादा किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का नहीं था। बयान का उद्देश्य अयोध्या के महत्व और सांस्कृतिक मूल्य को कम करना बिल्कुल नहीं था। श्री राम और उनसे जुड़े स्थानों को लेकर कई तरह के मिथ और संदर्भ हैं। पीएम और अधिक अध्ययन और शोध के महत्व को रेखांकित कर रहे थे।

क्या इतना कह देने से अयोध्या नेपाल बन गया जो आप इतने आक्रोशित हो गए। और इस आक्रोश में आपने भगवान राम के आदर्शों की बलि चढ़ा दी।

अगर नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस समय बेतुके बयान देकर भारत को भड़काने की कोशिश में भी जुटे हों तो क्या हिंदूवादी संगठन होने के नाते इस तरह  का दुर्व्यवहार नेपाली नागरिक से करेंगे। यह वीडियो पीएं मोदी के संसदीय क्षेत्र और पवित्र धर्म स्थल वाराणसी का है, जहां विश्व हिंदू सेना ने नेपाली युवक का मुंडन करवाया और उसके सिर पर जय श्रीराम का नारा भी लिखवा दिया।

वीडियो में लोग नेपाली युवक से भारत के समर्थन और नेपाल के पीएम ओली के विरोध में नारे भी लगवाए। वीडियो वायरल हुई और लोग इसकी अब जमकर आलोचना कर रहे हैं। वायरल होने के बाद अब पुलिस हरकत में आई है। विश्व हिंदू सेना के अध्यक्ष के साथ इस घटनाक्रम में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है।

लेकिन पूरी घटना को समझने के लिए इसके पीछे छिपी मानसिकता और सोच को देखिए कि विश्व हिंदू सेना ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो जारी करते हुए नेपाली प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को चेतावनी दी है। साथ ही बनारस में रह रहे नेपाली नागरिकों को भी यह चेतावनी दी है कि यदि नेपाल के पीएम लगातार ऐसे बयान देंगे तो इसका परिणाम उन्हें भुगतना होगा। वीडियो में दिख रहा है कि, नेपाली नागरिक का मुंडन कर बकायदा उसके सिर पर ‘जय श्री राम’ लिख कर उसे जय श्री राम के जयकारे भी लगवाए गए। इसके अलावा नेपाली पीएम मुर्दाबाद के भी नारे लगवाए गए। इस नेपाली नागरिक से बुलवाया गया कि वह इस देश में ही रहता है और यहीं का खाता है और श्रीराम का जन्म भारत में ही हुआ था। वे नेपाल के नहीं हैं।

इस तरह का अपराध करने वाले ही लिंचिंग जैसी चीजों को अंजाम देने लगते हैं। यही वे लोग हैं जो धर्म और देशभक्ति के साये में लोगों में अपराध को बढ़ावा देते हैं और इसके सच्चे अर्थ को बलि चढ़ा देते हैं। इस घटना पर तमाम लोगों ने ट्वीट भी किया है-

विनोद कापरी लिखते हैं-

फिल्म निर्माता अभिनव सिंहा ने लिखा है कि-

ज़िंदाबाद ज़िंदाबाद।
अभी सिर्फ़ छे साल हुए हैं। आगे आगे देखिए होता है क्या। https://t.co/taxAkmqZJH

— Anubhav Sinha (@anubhavsinha) July 17, 2020

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